देवता के अनुसार भारत के प्रसिद्ध धाम
चार धाम, बारह ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ, अष्टविनायक, हनुमान जी और श्रीकृष्ण के धाम, और राजस्थान के लोक देवता। हर धाम की कथा, विशेष पर्व, जाने का सही समय और पहुँचने का रास्ता, एक जगह।
देवता के अनुसार
हनुमान जी के धाम
हनुमानगढ़ी, संकट मोचन हनुमान मंदिर, बड़े हनुमान जी …
भगवान शिव के धाम
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग …
माता के धाम
शांकरी देवी शक्तिपीठ, कामाक्षी अम्मन मंदिर, शृंखला देवी शक्तिपीठ …
भगवान विष्णु के धाम
बद्रीनाथ धाम, जगन्नाथ मंदिर, वेंकटेश्वर मंदिर …
श्रीराम के धाम
राम जन्मभूमि मंदिर, कनक भवन, चित्रकूट धाम …
श्रीकृष्ण के धाम
द्वारकाधीश मंदिर, गुरुवायूर मंदिर, उडुपी कृष्ण मठ …
गणेश जी के धाम
मयूरेश्वर, सिद्धिविनायक, बल्लालेश्वर …
सूर्य, शनि और नवग्रह के मंदिर
कोणार्क सूर्य मंदिर, मोढेरा सूर्य मंदिर, देव सूर्य मंदिर …
राजस्थान के लोक देवता
बाबा रामदेव जी समाधि, वीर तेजाजी मंदिर, गोगाजी धाम …
पवित्र तीर्थ, नदियाँ और घाट
त्रिवेणी संगम, हर की पौड़ी, यमुनोत्री धाम …
चार धाम, ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ और दूसरे तीर्थ-समूह
चार धाम
बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम्: चारों दिशाओं के चार धाम।
छोटा चार धाम
उत्तराखंड के यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ।
12 ज्योतिर्लिंग
सोमनाथ से घृष्णेश्वर तक भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग, स्तोत्र सहित।
शक्तिपीठ
आदि शंकराचार्य के स्तोत्र में वर्णित 18 महाशक्तिपीठ, स्तोत्र सहित।
अष्टविनायक
महाराष्ट्र में गणेश जी के आठ स्वयंभू मंदिर, यात्रा के क्रम से।
साढ़े तीन शक्तिपीठ
महाराष्ट्र की परंपरा: कोल्हापुर, तुलजापुर, माहुर और वणी की सप्तशृंगी।
पंच केदार
हिमालय में भगवान शिव के पाँच केदार।
पंचभूत स्थल
पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश तत्व के पाँच शिव मंदिर।
सप्तपुरी
मोक्ष देने वाली सात पुरियाँ: अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची, उज्जैन और द्वारका।
कुंभ के चार स्थान
प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक-त्र्यंबकेश्वर।
ब्रज के धाम
मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन और गोकुल।
नवग्रह मंदिर
तमिलनाडु में नौ ग्रहों के नौ प्रसिद्ध मंदिर।
राजस्थान के प्रमुख धाम
खाटू श्याम, मेहंदीपुर, नाथद्वारा, पुष्कर, करणी माता और लोक देवताओं के धाम।
सालासर से जुड़ी यात्रा
सालासर आने वाले भक्त जिन धामों के दर्शन भी साथ में करते हैं।
सालासर से जुड़ी यात्रा
सालासर बालाजी के दर्शन को आने वाले बहुत से श्रद्धालु इसी यात्रा में शेखावटी और आसपास के दूसरे धामों के दर्शन भी करते हैं। माता अंजनी का मंदिर सालासर के पास ही है, और बाकी धाम सड़क मार्ग से जुड़े हैं। यात्रा से पहले रास्ता और दूरी देख लें।
- श्री सालासर बालाजी धामसालासर, सुजानगढ़ के पास, राजस्थान
- अंजनी माता मंदिर, सालासरसालासर-लक्ष्मणगढ़ मार्ग, सालासर, राजस्थान
- श्री खाटूश्यामजी धामखाटू (खाटूश्यामजी), राजस्थान
- श्री जीण माता मंदिरजीणमाता गाँव, अरावली की पहाड़ियाँ, राजस्थान
- श्री शाकम्भरी माता मंदिर, सकरायसकराय, उदयपुरवाटी के पास, राजस्थान
- हर्षनाथ मंदिर, हर्ष पर्वतहर्ष पर्वत, हर्ष गाँव, राजस्थान
- लोहार्गल तीर्थलोहार्गल, उदयपुरवाटी के पास, राजस्थान
- श्री रानी सती दादी मंदिरझुंझुनूं शहर, राजस्थान
- श्री दधिमती माता मंदिरगोठ-मांगलोद, राजस्थान
यात्रा से पहले
हर धाम की जानकारी भरोसेमंद स्रोतों से जाँचकर लिखी गई है, और हर धाम के नीचे "जानकारी के स्रोत" में वे कड़ियाँ दी गई हैं। फिर भी दर्शन का समय, कपाट खुलने की तिथि, पंजीकरण और यात्रा के नियम हर साल बदल सकते हैं। जाने से पहले मंदिर ट्रस्ट या राज्य सरकार की वेबसाइट पर एक बार ज़रूर देख लें।
तीर्थ यात्रा पर निकलने से पहले शुभ दिन देखना, घर से निकलते समय गणेश जी का स्मरण और यात्रा का संकल्प हमारी परंपरा है। यात्रा का मुहूर्त जानना हो तो पंडित जी से पूछ सकते हैं।