॥ तीर्थ दर्शन ॥

श्रीराम के धाम

अयोध्या, चित्रकूट, पंचवटी, भद्राचलम और ओरछा: श्रीराम के जीवन से जुड़े धाम।

श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या

अयोध्या, उत्तर प्रदेश

मान्यता है कि यही भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है। यहाँ नागर शैली में बने भव्य मंदिर में 22 जनवरी 2024 को बाल रूप श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। मंदिर का प्रबंधन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करता है।

विशेष पर्व
चैत्र की राम नवमी मुख्य पर्व; दीपावली पर अयोध्या का दीपोत्सव प्रसिद्ध है।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना; राम नवमी (मार्च-अप्रैल) और दीपावली पर बहुत भीड़।
कैसे पहुँचें
अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन मंदिर से लगभग 1 किमी; महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्टेशन से लगभग 15 किमी।
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श्री कनक भवन, अयोध्या

अयोध्या, उत्तर प्रदेश

कथा है कि माता कैकेयी ने यह कनक (सोने का) भवन विवाह के उपहार के रूप में सीता जी और श्रीराम को दिया था। मंदिर में केवल सीता जी और श्रीराम की मूर्तियाँ विराजमान हैं।

विशेष पर्व
चैत्र की राम नवमी और दीपावली पर अयोध्या के उत्सवों के साथ विशेष आयोजन।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना।
कैसे पहुँचें
अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन; महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम।
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चित्रकूट धाम (कामदगिरि और रामघाट)

चित्रकूट, मंदाकिनी नदी के तट पर (मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा), ज़िला सतना, मध्य प्रदेश

रामायण के अनुसार वनवास के समय श्रीराम, सीता जी और लक्ष्मण जी ने चित्रकूट में निवास किया और यहीं भरत जी उन्हें अयोध्या लौटाने आए। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा और मंदाकिनी के रामघाट पर स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि गोस्वामी तुलसीदास जी को रामघाट पर श्रीराम के दर्शन हुए थे।

विशेष पर्व
दीपावली और हर अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना; अमावस्या और दीपावली पर विशेष मेला।
कैसे पहुँचें
नज़दीकी रेलवे स्टेशन चित्रकूट धाम (कर्वी), उत्तर प्रदेश; सड़क मार्ग से सतना और प्रयागराज से जुड़ा।
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श्री कालाराम मंदिर, पंचवटी (नासिक)

पंचवटी, गोदावरी तट के पास, ज़िला नासिक, महाराष्ट्र

रामायण के अनुसार वनवास में श्रीराम, सीता जी और लक्ष्मण जी गोदावरी तट की पंचवटी में रहे थे; नासिक को पंचवटी भी कहा जाता है। कालाराम मंदिर का नाम श्रीराम की काले पत्थर की मूर्ति के कारण पड़ा। 1930 में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने यहाँ सभी के मंदिर प्रवेश के लिए सत्याग्रह किया था।

विशेष पर्व
राम नवमी मुख्य पर्व; नासिक में हर 12 वर्ष पर सिंहस्थ कुंभ मेला लगता है।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना; राम नवमी पर विशेष उत्सव।
कैसे पहुँचें
नज़दीकी रेलवे स्टेशन नासिक रोड; घरेलू हवाई अड्डा ओझर (नासिक)।
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श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर, भद्राचलम

भद्राचलम, गोदावरी नदी के तट पर, ज़िला भद्राद्री कोठागुडेम, तेलंगाना

गोदावरी के किनारे बसा भद्राचलम दक्षिण भारत का प्रमुख राम तीर्थ है। यहाँ का राम मंदिर भक्त रामदास (कंचर्ला गोपन्ना) ने बनवाया था। श्री राम नवमी पर यहाँ सीता-राम का कल्याणम (विवाह उत्सव) बड़े धूमधाम से होता है।

विशेष पर्व
श्री राम नवमी पर सीता-राम कल्याणम (विवाह उत्सव) मुख्य पर्व।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना; राम नवमी पर विशेष उत्सव।
कैसे पहुँचें
नज़दीकी रेलवे स्टेशन भद्राचलम रोड (कोठागुडेम); बड़े हवाई अड्डे हैदराबाद और विजयवाड़ा।
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श्री राम राजा मंदिर, ओरछा

ओरछा, बेतवा नदी के तट पर, ज़िला निवाड़ी, मध्य प्रदेश

ओरछा में श्रीराम राजा के रूप में पूजे जाते हैं और पुलिस के सशस्त्र जवान रोज़ उन्हें सलामी देते हैं। कथा है कि रानी गणेश कुंवर अयोध्या में तप करके श्रीराम को इस वचन के साथ ओरछा लाईं कि वे यहाँ के एकमात्र राजा होंगे। अयोध्या के अलावा ओरछा ही ऐसा स्थान माना जाता है जहाँ राम राजा हैं।

विशेष पर्व
राम नवमी और विवाह पंचमी (राम विवाह उत्सव) प्रमुख; पास में चतुर्भुज मंदिर।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना; गर्मियों में बहुत गर्मी पड़ती है।
कैसे पहुँचें
झाँसी जंक्शन लगभग 18 किमी; ओरछा में भी छोटा स्टेशन है; हवाई अड्डा ग्वालियर (लगभग 119 किमी)।
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पुनौरा धाम (माँ जानकी जन्मस्थली), सीतामढ़ी

पुनौरा, सीतामढ़ी, बिहार

रामायण के अनुसार राजा जनक को यज्ञ के लिए हल चलाते समय धरती से सीता जी प्राप्त हुईं। मान्यता है कि यह पावन स्थान सीतामढ़ी ज़िले का पुनौरा धाम है, जहाँ सीता कुंड और माँ जानकी का मंदिर है।

विशेष पर्व
वैशाख शुक्ल नवमी को सीता (जानकी) नवमी मुख्य पर्व।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना; जानकी नवमी (अप्रैल-मई) पर विशेष उत्सव।
कैसे पहुँचें
नज़दीकी रेलवे स्टेशन सीतामढ़ी; हवाई अड्डा दरभंगा या पटना।

मान्यताओं में अंतर: सीता जी के जन्मस्थान को लेकर अलग-अलग स्थानीय मान्यताएँ हैं; नेपाल का जनकपुर (राजा जनक की राजधानी) भी इससे जुड़ा प्रमुख तीर्थ है।

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श्री जानकी मंदिर, जनकपुर धाम

जनकपुर धाम, मधेश प्रदेश, ज़िला धनुषा, नेपाल

जनकपुर को राजा जनक की राजधानी (मिथिला) माना जाता है और यहाँ माँ सीता को समर्पित भव्य जानकी मंदिर है, जिसे नौलखा मंदिर भी कहते हैं। यह मंदिर टीकमगढ़ की महारानी वृषभानु कुंवरी ने बनवाया, जो लगभग 1910 में पूरा हुआ। मान्यता है कि सीता स्वयंवर यहीं हुआ था।

विशेष पर्व
विवाह पंचमी पर राम-सीता विवाह का भव्य आयोजन; राम नवमी, दशैं (दशहरा) और तिहार (दीपावली) भी।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना; विवाह पंचमी (नवंबर-दिसंबर) पर विशेष उत्सव।
कैसे पहुँचें
भारत की भिट्ठामोड़ सीमा से लगभग 23 किमी; बिहार के जयनगर से जनकपुर तक रेल; काठमांडू से जनकपुर हवाई अड्डे तक उड़ानें।

ध्यान दें: भारतीय यात्री पासपोर्ट या मूल मतदाता पहचान पत्र साथ रखें; हवाई यात्रा में आधार मान्य नहीं।

मान्यताओं में अंतर: सीता जी के प्राकट्य स्थान के रूप में बिहार के सीतामढ़ी (पुनौरा धाम) की भी मान्यता है।

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