॥ सेवाएँ ॥

सेवाएँ: सालासर में, या घर बैठे

पूजा-पाठ, संस्कार, श्राद्ध, कुंडली और ऑनलाइन संकल्प। हर सेवा की पूरी जानकारी, और यह भी कि वह कब ज़रूरी नहीं है।

उत्तर24 घंटे मेंऑनलाइन पूजावीडियो प्रमाण के साथ
सेवा का समय: सुबह 4 से रात 10 बजेसालासर में प्रतिदिन सुबह 4 बजे से सेवा
पूजा के लिए पंडित जी को संदेश भेजेंWhatsApp पर संदेश, उत्तर 24 घंटे में
॥ डर-मुक्त जाँच ॥

पूजा करवाने से पहले, दो सवाल

बहुत बार भक्त को किसी बड़ी पूजा की ज़रूरत ही नहीं होती। यह जाँच आपको सच बताएगी, चाहे उसमें हमारी कोई सेवा न हो।

1. आप पूजा क्यों करवाना चाहते हैं?
2. क्या आप सालासर आ सकते हैं?
सालासर में

पूजा, पाठ, हवन और संस्कार

आप सालासर आएँ। शास्त्रोक्त विधि से पूजा-पाठ, हवन, मांगलिक कार्य और संस्कार।

सुंदरकांड पाठ

हनुमान जी की कृपा और संकट से शांति के लिए। मंगलवार-शनिवार विशेष।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

हनुमान चालीसा पाठ

11, 21 या 108 पाठ का संकल्प, आपके नाम और गोत्र से।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

सत्यनारायण कथा

पूर्णिमा, गृह प्रवेश, जन्मदिन या किसी मनोकामना की पूर्ति पर।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

रुद्राभिषेक

भगवान शिव का अभिषेक: सावन, सोमवार, प्रदोष या शिवरात्रि पर।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

नवग्रह शांति पूजा

कुंडली देखकर, केवल जहाँ सच में ज़रूरत हो।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

हवन

किसी भी पूजा या संकल्प की पूर्णाहुति के रूप में।

पूरी जानकारी संदेश भेजें
आपके नाम-गोत्र से

मंत्र जाप

कामना, संकट या शांति के लिए, आपके नाम और गोत्र के संकल्प से विधिपूर्वक जाप। कितनी संख्या में जाप हो, यह पंडित जी उद्देश्य देखकर बताएँगे।

महामृत्युंजय जाप

स्वास्थ्य संकट में, इलाज के साथ श्रद्धा का सहारा।

संदेश भेजें

गायत्री मंत्र जाप

बुद्धि, विद्या और मन की शुद्धि के लिए।

संदेश भेजें

हनुमान मंत्र जाप

संकट, भय और बाधा से रक्षा के लिए।

संदेश भेजें

ग्रह शांति जाप

कुंडली देखकर, केवल उसी ग्रह का, जिसकी सच में ज़रूरत हो।

संदेश भेजें

अपने इष्ट देव का जाप

जिन देवता में आपकी श्रद्धा है, उनके मंत्र का जाप।

संदेश भेजें
मांगलिक कार्य

संस्कार और शुभ कार्य

जीवन के हर शुभ मोड़ पर विधि-विधान से संस्कार।

विवाह

कुंडली मिलान से फेरों तक, पूरी वैदिक विधि।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

नामकरण, मुंडन, यज्ञोपवीत

बच्चों के संस्कार, शुभ मुहूर्त में।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

व्यापार आरंभ

नई दुकान, नया काम: गणेश-लक्ष्मी पूजन।

संदेश भेजें
वास्तु

वास्तु परामर्श और वास्तु पूजन

घर, दुकान या प्लॉट का नक्शा देखकर सरल सलाह, बिना तोड़-फोड़ के डर के; और भूमि पूजन से गृह प्रवेश तक वास्तु पूजन।

वास्तु परामर्श

नक्शा और दिशा WhatsApp पर भेजिए; पंडित जी सरल सुझाव देंगे।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

भूमि पूजन (शिलान्यास)

निर्माण की नींव रखने से पहले, शुभ मुहूर्त में।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

गृह प्रवेश पूजा

नए घर में पहली बार प्रवेश से पहले।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

वास्तु शांति पूजा

नए घर, दुकान या बड़ी मरम्मत के बाद।

पूरी जानकारी संदेश भेजें
पितृ कर्म

अंत्येष्टि और श्राद्ध

कठिन समय में परिवार के साथ, शास्त्रोक्त विधि से।

अंत्येष्टि संस्कार

अंतिम संस्कार की पूरी विधि।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

तेरहवीं, बरसी

दिवंगत आत्मा की शांति के लिए।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

श्राद्ध और तर्पण

पितृ पक्ष में या पुण्य तिथि पर।

पूरी जानकारी संदेश भेजें
WhatsApp पर

कुंडली, मिलान और मुहूर्त

जन्म विवरण भेजिए। पंडित जी शांति से देखकर वॉइस नोट में उत्तर देंगे। फ़ोन कॉल नहीं।

जन्म कुंडली विचार

जीवन की दिशा, समय और सही उपाय, बिना डराए।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

कुंडली मिलान

गुण-मिलान के साथ मांगलिक आदि का पूरा विचार।

पूरी जानकारी संदेश भेजें

मुहूर्त

विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार, वाहन आदि के लिए शुभ समय।

पूरी जानकारी संदेश भेजें
घर बैठे

आपके नाम का संकल्प, सालासर में

दूर हैं, तब भी जुड़िए। आपके नाम और गोत्र से पूजा, उसका वीडियो WhatsApp पर, और प्रसाद डाक से।

सामूहिक संकल्प

हर मंगलवार और शनिवार, सालासर में। आपका नाम-गोत्र संकल्प में।

संदेश भेजें

व्यक्तिगत पूजा

केवल आपके परिवार के लिए, आपकी चुनी तिथि पर।

संदेश भेजें

पूजा का वीडियो

पूजा वाले दिन ही आपके WhatsApp पर।

संदेश भेजें
॥ पूजा की पूरी जानकारी ॥

किस पूजा में क्या होता है

पाठ

पूजा और अनुष्ठान

लगभग 1.5 से 3 घंटे

रुद्राभिषेक

शिवलिंग का जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक, साथ में रुद्र-मंत्रों का पाठ। सोमवार, सावन, प्रदोष और महाशिवरात्रि पर यह पूजा विशेष मानी जाती है।

पढ़ें
लगभग 1.5 से 2 घंटे

सत्यनारायण कथा

भगवान विष्णु के सत्य-स्वरूप की पूजा और पाँच अध्यायों की कथा का श्रवण। पूर्णिमा, गृह प्रवेश, जन्मदिन या किसी मनोकामना के पूरी होने पर परिवार मिलकर यह कथा सुनता है।

पढ़ें
लगभग 3 से 4 घंटे

नवग्रह शांति पूजा

नौ ग्रहों का विधि से पूजन, उनके मंत्रों का जप और उनकी समिधाओं से हवन। यह पूजा कुंडली देखकर ही करवाई जाती है, और केवल तब जब सच में ज़रूरत हो।

पढ़ें
जप-संख्या पर निर्भर: छोटा संकल्प

महामृत्युंजय जप

भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का संकल्प सहित जप-अनुष्ठान। परिवार में किसी के स्वास्थ्य संकट, बड़ी सर्जरी या लंबी बीमारी के समय, इलाज के साथ श्रद्धा का सहारा।

पढ़ें

संस्कार

मुख्य वैवाहिक विधि

विवाह संस्कार

सोलह संस्कारों में सबसे बड़ा संस्कार। कुंडली मिलान और मुहूर्त से लेकर कन्यादान, फेरे, सप्तपदी और सिंदूरदान तक, वैदिक विधि से विवाह।

पढ़ें
लगभग 1 से 1.5 घंटे

नामकरण संस्कार

शिशु का नामकरण: जन्म-नक्षत्र के अक्षर से नाम चुनकर, परिवार के बड़ों के आशीर्वाद के साथ बच्चे को उसका नाम देना।

पढ़ें
लगभग 1 से 2 घंटे

मुंडन संस्कार

चूड़ाकर्म संस्कार: जन्म के बाद पहली बार बच्चे के बाल उतारना। स्वच्छता, स्वास्थ्य और आशीर्वाद का यह संस्कार शुभ मुहूर्त में किया जाता है।

पढ़ें
अंत्येष्टि उसी दिन

अंत्येष्टि, तेरहवीं और श्राद्ध कर्म

अंतिम संस्कार और उसके बाद की क्रियाएँ: अस्थि-विसर्जन, दशगात्र, तेरहवीं और बरसी। दुःख की घड़ी में परिवार के साथ रहकर, शास्त्रोक्त विधि से, शांति और सम्मान के साथ।

पढ़ें

वास्तु

सेवा कैसे होती है

  1. निवेदन: संकल्प-पत्र या निवेदन WhatsApp पर भेजें। कॉल नहीं, केवल संदेश।
  2. उत्तर: 24 घंटे में तिथि, समय और सामग्री की सूची।
  3. संकल्प: पूजा के दिन आपके नाम और गोत्र से संकल्प, पूरी विधि से।
  4. प्रमाण और प्रसाद: पूजा का वीडियो WhatsApp पर। ऑनलाइन सेवा में प्रसाद डाक से।

पूजा के बाद दक्षिणा अर्पित करनी हो, तो यहाँ से कर सकते हैं

सवाल-जवाब

क्या ऑनलाइन संकल्प से भी पूजा का फल मिलता है?

हाँ। संकल्प में आपका नाम, गोत्र और कामना बोलकर ही पूजा होती है, और ‘ब्राह्मणद्वारा कारयिष्ये’ यानी ब्राह्मण के द्वारा पूजा करवाने की परंपरा बहुत पुरानी है। सबसे बड़ी चीज़ आपका भाव है। जिस समय पूजा हो, आप घर पर दीपक जलाकर हनुमान चालीसा पढ़ें, तो और अच्छा।

पूजा का वीडियो कब मिलेगा?

पूजा वाले दिन ही आपके WhatsApp पर भेजा जाता है, ताकि आप देख सकें कि संकल्प आपके नाम से हुआ।

प्रसाद कैसे आएगा?

ऑनलाइन सेवा में प्रसाद डाक से भेजा जाता है। पहुँचने में कितने दिन लगेंगे, यह आपके शहर पर निर्भर करता है। विदेश में प्रसाद भेजना हर बार संभव नहीं होता।

पूजा-सामग्री कौन लाएगा?

पूजा-सामग्री आप स्वयं ला सकते हैं। यदि उसकी व्यवस्था पंडित जी से करवानी हो, तो सूची और वास्तविक ख़र्च पहले ही साफ़-साफ़ बता दिया जाता है।

पूजा सच में हुई, इसका प्रमाण क्या है?

हर ऑनलाइन संकल्प का वीडियो पूजा वाले दिन ही आपके WhatsApp पर भेजा जाता है। उसमें संकल्प के समय आपका नाम और गोत्र बोला जाता है, ताकि आप स्वयं सुन सकें।

क्या मेरी जानकारी सुरक्षित है?

यह वेबसाइट आपकी कोई जानकारी अपने पास नहीं रखती। संकल्प-पत्र में भरी बातें सीधे आपके अपने WhatsApp संदेश में जाती हैं। नाम, गोत्र और जन्म-विवरण का उपयोग केवल संकल्प और कुंडली विचार के लिए होता है, किसी और को नहीं दिया जाता।

अगर किसी कारण तय दिन पूजा न हो सके तो?

तो आपको पहले ही बता दिया जाएगा और आपकी सुविधा से नई तिथि तय होगी।

क्या पंडित जी से मिल सकते हैं?

हाँ, सालासर आकर। पहले WhatsApp पर निवेदन भेज दें, ताकि सेवा के बीच मिलने का समय तय हो सके।

कुंडली दिखाने के लिए क्या भेजना होगा?

नाम, जन्म तिथि, जन्म का समय और जन्म स्थान, और आपका प्रश्न एक पंक्ति में। जन्म का सही समय पता न हो, तो वह भी बता दीजिए; उसके हिसाब से विचार किया जाता है। कुंडली विचार में समय लगता है, इसलिए पूरा विवरण एक साथ भेजिए।

पंडित जी फ़ोन पर बात क्यों नहीं करते?

पंडित जी सुबह 4 बजे से रात तक मंदिरों की सेवा में रहते हैं। जल्दबाज़ी के फ़ोन की जगह वे सेवा के बाद शांति से आपका निवेदन पढ़ते हैं और WhatsApp पर, ज़रूरत हो तो वॉइस नोट में, सोच-समझकर उत्तर देते हैं।

मुझे अपना गोत्र नहीं पता, तो?

कोई बात नहीं। परंपरा में जिनका गोत्र ज्ञात न हो, उनके लिए ‘कश्यप’ गोत्र बोला जाता है, क्योंकि कश्यप ऋषि को सबका पूर्वज माना गया है।

क्या आप डराकर पूजा बताते हैं?

नहीं। यही इस सेवा का पहला वचन है। अगर किसी छोटे उपाय से काम चल सकता है, तो वही बताया जाएगा; और अगर पूजा की ज़रूरत ही नहीं है, तो साफ़ कहा जाएगा।

क्या विदेश से भी संकल्प करवा सकते हैं?

हाँ। निवेदन WhatsApp पर भेजिए; संकल्प और वीडियो उसी तरह होंगे।

सालासर आकर पूजा करवानी हो तो कैसे करें?

पहले निवेदन भेजिए, ताकि तिथि और समय तय हो सके। मंगलवार, शनिवार, पूर्णिमा और मेलों के समय बहुत भीड़ होती है, इसलिए पहले से बताना ठीक रहता है।