॥ पाठ ॥

हनुमान चालीसा पाठ (11, 21 या 108)

गोस्वामी तुलसीदास जी की हनुमान चालीसा का संकल्प सहित पाठ: 11, 21 या 108 बार, आपके नाम और गोत्र से।

समय11 पाठ में लगभग 1 से 1.5 घंटे दक्षिणाइच्छा अनुसार ऑनलाइन संकल्पसंभव
कब करवाते हैं
मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती; परीक्षा, नौकरी या नए काम से पहले; किसी चिंता या भय के समय; और मनोकामना पूरी होने पर आभार के लिए।
अनुमानित समय
11 पाठ में लगभग 1 से 1.5 घंटे; 108 पाठ कई पंडित मिलकर करते हैं, इसलिए समय पाठ करने वालों की संख्या पर निर्भर करता है
कहाँ
सालासर में, आपके यहाँ, या ऑनलाइन संकल्प से
दक्षिणा
इच्छा अनुसार

हनुमान चालीसा पाठ (11, 21 या 108) क्यों करवाते हैं

हनुमान चालीसा चालीस चौपाइयों का छोटा-सा पाठ है, पर इसमें हनुमान जी का पूरा चरित्र समा जाता है: उनका बल, उनकी बुद्धि, श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति और भक्तों पर उनकी कृपा। यही कारण है कि गाँव से शहर तक, बच्चे से बुज़ुर्ग तक, इसे सबसे ज़्यादा पढ़ा जाता है।

जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई॥

श्री हनुमान चालीसा, गोस्वामी तुलसीदास जी

अर्थ:जो कोई सौ बार इसका पाठ करता है, वह बंधनों से छूट जाता है और उसे बड़ा सुख मिलता है। इसी भाव से 100 या 108 पाठ का संकल्प लिया जाता है।

पाठ की संख्या के पीछे भी भाव है। 11 की संख्या को हनुमान जी के रुद्र-अवतार होने की मान्यता से जोड़ा जाता है, और 108 माला के मनकों की संख्या है। संख्या से बड़ा भाव है: एक पाठ भी पूरे मन से हो, तो वह भी पूरा है।

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

श्रीरामरक्षा स्तोत्र

अर्थ:मन के समान तेज़ और पवन के समान वेग वाले, इंद्रियों को जीतने वाले, बुद्धिमानों में श्रेष्ठ, पवनपुत्र, वानर-सेना के प्रमुख, श्रीराम के दूत हनुमान जी की मैं शरण लेता हूँ।

कब ज़रूरत नहीं

हनुमान चालीसा का पाठ करवाने के लिए किसी बड़े आयोजन या डर की ज़रूरत नहीं है। रोज़ घर पर एक बार श्रद्धा से पढ़ना भी उतना ही प्रिय है; बड़ा संकल्प तब लें जब मन हो, किसी के डराने पर नहीं।

पूजा में क्या-क्या होता है

  1. यजमान पाठ की संख्या (11, 21 या 108) और अपनी कामना के साथ संकल्प लेते हैं।
  2. गणेश पूजन के बाद घी का दीपक जलाया जाता है, जो पूरे पाठ में जलता रहता है।
  3. श्रीराम और हनुमान जी का पूजन होता है: सिंदूर, लाल फूल, धूप-दीप और भोग से।
  4. हनुमान जी के ध्यान-श्लोक और ‘श्रीगुरु चरन सरोज रज’ दोहे से पाठ आरंभ होता है।
  5. एक या अधिक पंडित क्रम से पाठ करते हैं; गिनती माला या पर्ची से रखी जाती है, ताकि संख्या पूरी हो।
  6. पाठ के बीच-बीच में ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ का जयकारा होता है।
  7. संकल्प की संख्या पूरी होने पर हनुमानाष्टक या सुंदरकांड का कोई अंश भी पढ़ा जा सकता है।
  8. बड़े संकल्प में कई परिवार अंत में छोटा हवन भी करवाते हैं।
  9. हनुमान जी की आरती और क्षमा-प्रार्थना होती है।
  10. गुड़-चना, बूंदी या चूरमे का प्रसाद बाँटा जाता है।

सामग्री

  • पंडित जी पूरी सामग्री-सूची पहले भेज देते हैं; यह सामान्य सूची है
  • चौकी और लाल कपड़ा
  • हनुमान जी और श्रीराम दरबार का चित्र या मूर्ति
  • हनुमान चालीसा की पुस्तकें, पाठ में बैठने वाले सबके लिए
  • घी, दीपक और बत्तियाँ (पूरे पाठ तक जलने लायक)
  • धूप, अगरबत्ती और कपूर
  • सिंदूर, रोली, अक्षत और मौली
  • लाल फूल और माला
  • गुड़-चना, बूंदी, लड्डू या चूरमे का प्रसाद
  • पान, सुपारी, लौंग और इलायची
  • गिनती के लिए माला या कागज़-पेन
  • हवन करवाना हो तो हवन कुंड और सामग्री (सूची अलग से)

परिवार की तैयारी

  • स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें और संकल्प के समय उपस्थित रहें।
  • अगर स्वयं पाठ में शामिल होना चाहें, तो अपनी गति से पढ़ें; गिनती पंडित जी रखेंगे।
  • पाठ के दिन सात्त्विक भोजन करें और घर में शांति का वातावरण रखें।
  • बच्चों को भी साथ बैठाएँ; चालीसा याद करने का यह सबसे सुंदर अवसर है।
  • प्रसाद ज़्यादा बनवाएँ, ताकि आने-जाने वाले सबको मिल सके।

मंत्र

राम-नाम (तारक मंत्र)

श्री राम जय राम जय जय राम

अर्थ:श्रीराम की जय-जयकार। हनुमान जी को राम-नाम सबसे प्रिय है, इसलिए पाठ के आरंभ, बीच और अंत में इसका जप किया जाता है।

सवाल-जवाब

108 पाठ में कितने पंडित बैठते हैं?

संकल्प के अनुसार एक से अधिक पंडित मिलकर पाठ करते हैं, ताकि पाठ साफ़ उच्चारण से और बिना जल्दबाज़ी के हो। कितने पंडित होंगे और कितना समय लगेगा, यह निवेदन के उत्तर में बता दिया जाता है।

क्या मैं स्वयं 108 पाठ कर सकता हूँ?

हाँ। कई भक्त कुछ दिनों में यह संकल्प पूरा करते हैं, जैसे रोज़ 11 पाठ। शुरू करने से पहले मन में संकल्प लें और पूरा होने पर हनुमान जी को भोग लगाकर आरती करें।

क्या महिलाएँ भी हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं?

हाँ, हनुमान चालीसा का पाठ कोई भी श्रद्धा से कर सकता है।

गिनती में भूल हो जाए तो?

चिंता न करें। संकल्प के भाव से पाठ पूरा करें और अंत में क्षमा-प्रार्थना कर लें। भगवान भाव देखते हैं, गिनती की छोटी भूल नहीं।

यह जानकारी शास्त्र और परंपरा पर आधारित है; ग्रंथ का नाम हर मंत्र के साथ लिखा है। कहीं कोई त्रुटि दिखे तो WhatsApp पर बताइए।