॥ पूजा और अनुष्ठान ॥

रुद्राभिषेक

शिवलिंग का जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक, साथ में रुद्र-मंत्रों का पाठ। सोमवार, सावन, प्रदोष और महाशिवरात्रि पर यह पूजा विशेष मानी जाती है।

समयलगभग 1.5 से 3 घंटे ऑनलाइन संकल्पसंभव
पंडित जी से यह पूजा करवाएँWhatsApp पर संदेश, उत्तर 24 घंटे में
कब करवाते हैं
सोमवार, पूरा सावन महीना, प्रदोष, मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि; जन्मदिन, गृह प्रवेश, स्वास्थ्य या मन की शांति की कामना से, और कुंडली देखकर ग्रह-शांति के लिए।
अनुमानित समय
लगभग 1.5 से 3 घंटे (पाठ की आवृत्ति के अनुसार)
कहाँ
सालासर में, आपके यहाँ, या ऑनलाइन संकल्प से

रुद्राभिषेक क्यों करवाते हैं

‘रुद्र’ भगवान शिव का वह रूप है जो दुःख को दूर करता है। एक प्रचलित व्याख्या के अनुसार ‘रुद्र’ का अर्थ ही है: जो दुःख और रोने के कारण को दूर भगाए। ‘अभिषेक’ का अर्थ है श्रद्धा से स्नान कराना। कहा जाता है कि भगवान विष्णु को श्रृंगार प्रिय है और भगवान शिव को अभिषेक, इसीलिए शिव-पूजा में अभिषेक सबसे प्रमुख है।

उत्तर भारत में रुद्राभिषेक प्रायः शुक्ल यजुर्वेद की ‘रुद्राष्टाध्यायी’ के पाठ के साथ होता है, और दक्षिण भारत में कृष्ण यजुर्वेद के ‘नमकम्-चमकम्’ के साथ। मंत्रों के साथ धीरे-धीरे धारा बनाकर शिवलिंग पर जल, दूध और पंचामृत चढ़ाया जाता है।

नमस्ते रुद्र मन्यव उतो त इषवे नमः। बाहुभ्यामुत ते नमः॥

शुक्ल यजुर्वेद 16.1 (रुद्राष्टाध्यायी का पाँचवाँ अध्याय)

अर्थ:हे रुद्र, आपके क्रोध को नमस्कार, आपके बाण को नमस्कार, और आपकी दोनों भुजाओं को भी नमस्कार। यानी भगवान का हर रूप, उनका कठोर रूप भी, हमारे लिए कल्याणकारी हो।

परंपरा में अलग-अलग कामना के लिए अलग द्रव्य से अभिषेक का विधान भी बताया गया है, जैसे जल, दूध या गन्ने का रस। आपके संकल्प के लिए कौन-सा द्रव्य उचित है, यह पंडित जी संकल्प के अनुसार बता देते हैं।

कब ज़रूरत नहीं

रुद्राभिषेक कोई जादुई उपाय नहीं है जो बिना प्रयास के काम बना दे, और रोग में डॉक्टर के इलाज की जगह नहीं लेता। अगर इच्छा केवल शिव जी की कृपा और मन की शांति की है, तो हर सोमवार घर पर जल चढ़ाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करना भी सुंदर पूजा है।

पूजा में क्या-क्या होता है

  1. शिवलिंग को साफ़ स्थान पर जलहरी में स्थापित किया जाता है; घर में शिवलिंग न हो तो मंदिर में या मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाकर भी अभिषेक होता है।
  2. गणेश पूजन, कलश स्थापना और गौरी व नवग्रह का संक्षिप्त पूजन होता है।
  3. यजमान नाम, गोत्र और कामना के साथ संकल्प लेते हैं।
  4. भगवान शिव का ध्यान और आवाहन किया जाता है।
  5. रुद्र-मंत्रों के पाठ के साथ धारा से अभिषेक होता है: पहले शुद्ध जल, फिर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत), फिर गंगाजल और शुद्ध जल।
  6. अभिषेक के बाद शिवलिंग पर चंदन या भस्म, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, शमी पत्र और अक्षत अर्पित किए जाते हैं।
  7. वस्त्र या जनेऊ, धूप-दीप और फल-मिठाई का नैवेद्य चढ़ाया जाता है।
  8. ‘ॐ जय शिव ओंकारा’ आरती होती है।
  9. पुष्पांजलि और परिक्रमा की जाती है; शिवलिंग की आधी परिक्रमा होती है, क्योंकि जलहरी से बहने वाली धारा को लाँघा नहीं जाता।
  10. क्षमा-प्रार्थना के बाद अभिषेक का जल (चरणामृत) श्रद्धा से ग्रहण किया जाता है और प्रसाद बाँटा जाता है।

सामग्री

  • पंडित जी पूरी सामग्री-सूची पहले भेज देते हैं; यह सामान्य सूची है
  • शिवलिंग और जलहरी (या मंदिर में अभिषेक)
  • तांबे या पीतल का लोटा
  • गंगाजल
  • कच्चा दूध (थोड़ी मात्रा पर्याप्त), दही, घी, शहद और शक्कर
  • बेलपत्र (तीन पत्ती वाले, बिना कटे-फटे)
  • धतूरा, आक के फूल और शमी पत्र
  • सफ़ेद फूल और माला
  • चंदन या भस्म
  • जनेऊ और वस्त्र
  • रोली, अक्षत और मौली
  • धूप, दीप और कपूर
  • फल और मिठाई का प्रसाद
  • कलश और नारियल

परिवार की तैयारी

  • स्नान करके साफ़, संभव हो तो सफ़ेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
  • पति-पत्नी साथ बैठकर संकल्प ले सकते हैं; परिवार के बाक़ी सदस्य पास बैठकर मन में ‘ॐ नमः शिवाय’ जपें।
  • उपवास ज़रूरी नहीं है; स्वास्थ्य के अनुसार हल्का सात्त्विक भोजन करें।
  • बेलपत्र पहले से इकट्ठा करके साफ़ पानी में रख लें।
  • दूध बहुत अधिक मात्रा में न बहाएँ; थोड़ा दूध भी पूरा अभिषेक है, बाक़ी किसी ज़रूरतमंद को दें।

मंत्र

पंचाक्षर मंत्र

ॐ नमः शिवाय

अर्थ:भगवान शिव को नमस्कार। अभिषेक के समय परिवार के सब लोग मन में इसका जप कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

रुद्राभिषेक घर पर करवाएँ या मंदिर में?

दोनों ठीक हैं। घर में शिवलिंग हो तो वहीं, नहीं तो मंदिर में या मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाकर भी अभिषेक किया जाता है।

क्या अभिषेक केवल सावन में ही होता है?

नहीं। सावन विशेष है, पर किसी भी सोमवार, प्रदोष, शिवरात्रि या अपने किसी शुभ अवसर पर रुद्राभिषेक करवाया जा सकता है।

क्या परिवार की महिलाएँ भी अभिषेक में भाग ले सकती हैं?

हाँ, श्रद्धा से शिव जी का अभिषेक परिवार के सब लोग कर सकते हैं और संकल्प में साथ बैठ सकते हैं।

दूर से रुद्राभिषेक कैसे होगा?

सालासर में आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर अभिषेक होगा, और उसका वीडियो WhatsApp पर भेजा जाएगा। उस समय आप घर पर शिव जी को जल चढ़ाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करें।

यह जानकारी शास्त्र और परंपरा पर आधारित है; ग्रंथ का नाम हर मंत्र के साथ लिखा है। कहीं कोई त्रुटि दिखे तो WhatsApp पर बताइए।