॥ जन्मपत्री ॥

जन्म कुंडली, पूरी गणित के साथ

जन्म तिथि, समय और स्थान भरिए। लग्न, चंद्र और नवांश कुंडली, नौ ग्रहों का स्पष्ट, भाव स्पष्ट, इष्टकाल, अवकहड़ा चक्र, विंशोत्तरी दशा और मांगलिक विचार, सब एक जगह।

जन्म-विवरण
जितना सही समय, उतना सही लग्न। 4-5 मिनट के अंतर से भी लग्न बदल सकता है।

गणना आपके फ़ोन पर ही होती है। जन्म-विवरण कहीं भेजा नहीं जाता; आप चाहें तो "इस फ़ोन में सहेजें" दबाकर बाद के लिए रख सकते हैं।

कुंडली कैसे पढ़ें

लग्न वह राशि है जो जन्म के क्षण पूर्व दिशा के क्षितिज पर उदित हो रही थी। लग्न कुंडली में यही पहला भाव है, और इसी से बाकी ग्यारह भाव गिने जाते हैं: दूसरा धन और परिवार का, चौथा घर और माता का, सातवाँ जीवन-साथी का, दसवाँ कर्म का।

राशि (चंद्र राशि) वह है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था। राशिफल और गोचर इसी से देखे जाते हैं, और नाम का अक्षर चंद्रमा के नक्षत्र-चरण से निकलता है।

नवांश हर राशि के नौ बराबर भागों से बनी कुंडली है। विवाह, भाग्य और ग्रहों का असली बल देखने में इसका बड़ा महत्व है।

विंशोत्तरी दशा 120 वर्ष का चक्र है। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, उसके स्वामी ग्रह की दशा से जीवन शुरू होता है।

यहाँ केवल गणित है, फलादेश नहीं। ग्रह कैसा फल देंगे, यह पूरी कुंडली, दशा और गोचर को साथ देखकर ही कहा जाता है। फलादेश के लिए कुंडली पंडित जी को भेजिए।

गणना का आधार

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति इस वेबसाइट के पंचांग वाले सूत्रों से, और बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि की स्थिति फ़्रांस के Bureau des Longitudes की VSOP87 ग्रह-गणना से निकलती है। सन् 1900 से 2035 के बीच इसे Swiss Ephemeris से मिलाकर देखा गया: ग्रहों में 4 विकला (आर्क-सेकंड) से कम और चंद्रमा में 20 विकला से कम का अंतर आया।

अयनांश लाहिरी (चित्रपक्ष) है, जो भारत सरकार के राष्ट्रीय पंचांग में मान्य है। राहु-केतु माध्य गति से लिए गए हैं। भाव स्पष्ट श्रीपति पद्धति से है। भारत में 1942 से 1945 के बीच घड़ियाँ एक घंटा आगे (युद्धकालीन समय) चलती थीं; उस समय के जन्म में यह सुधार अपने-आप लग जाता है।

गाँव, तहसील और शहरों के अक्षांश-देशांतर भारतीय डाक विभाग की अखिल भारतीय पिन कोड निर्देशिका (data.gov.in) से लिए गए हैं: देश के लगभग डेढ़ लाख स्थान। जहाँ डाकघर का सही स्थान नहीं मिला, वहाँ ज़िले के हिसाब से लगभग स्थान लिया गया है और सूची में "स्थान लगभग" लिखा है। खोज इसी वेबसाइट की सूची में होती है; आपका लिखा नाम कहीं बाहर नहीं भेजा जाता।