दक्षिण भारत के पाँच प्रसिद्ध शिव मंदिर, जहाँ शिव पंचमहाभूतों के रूप में पूजे जाते हैं: पृथ्वी (कांचीपुरम), जल (तिरुवनैकावल), अग्नि (तिरुवन्नामलाई), वायु (श्रीकालहस्ती) और आकाश (चिदंबरम)। इनमें चार तमिलनाडु में और एक आंध्र प्रदेश में है। सातवीं सदी के तमिल शैव ग्रंथ तेवारम में इनके देवताओं की स्तुति मिलती है।
कांचीपुरम का विशाल शिव मंदिर, जहाँ शिव पृथ्वी तत्व के प्रतीक पृथ्वी लिंग रूप में पूजे जाते हैं। कथा है कि माता पार्वती ने यहाँ आम के पेड़ के नीचे रेत का शिवलिंग बनाकर पूजा की थी। मंदिर का प्राचीन आम का वृक्ष और लगभग 59 मीटर ऊँचा गोपुरम प्रसिद्ध हैं।
विशेष पर्व
पंगुनी ब्रह्मोत्सव (मार्च-अप्रैल), जिसमें शिव-पार्वती विवाह का उत्सव मनाया जाता है।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च मौसम सुहाना।
कैसे पहुँचें
कांचीपुरम रेलवे स्टेशन; नज़दीकी हवाई अड्डा चेन्नई।
तिरुचिरापल्ली में कावेरी तट के श्रीरंगम द्वीप पर स्थित, जहाँ शिव जल तत्व के प्रतीक अप्पु लिंग रूप में पूजे जाते हैं। गर्भगृह में भूमिगत जल-स्रोत से शिवलिंग के पास पानी रिसता रहता है। माता पार्वती यहाँ अखिलांडेश्वरी रूप में पूजी जाती हैं।
विशेष पर्व
पंगुनी ब्रह्मोत्सव (मार्च-अप्रैल) और आडि पूरम (जुलाई-अगस्त)।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च मौसम सुहाना।
कैसे पहुँचें
श्रीरंगम स्टेशन लगभग 2.5 किमी, तिरुचिरापल्ली जंक्शन लगभग 11 किमी; नज़दीकी हवाई अड्डा तिरुचिरापल्ली।
तिरुवन्नामलाई में अरुणाचल पर्वत की तलहटी पर स्थित, जहाँ शिव अग्नि तत्व के प्रतीक अग्नि लिंग रूप में पूजे जाते हैं। पुराणों के अनुसार शिव यहाँ ब्रह्मा और विष्णु के सामने अग्नि-स्तंभ रूप में प्रकट हुए थे। श्रद्धालु पूरे पर्वत को शिव का स्वरूप मानते हैं।
विशेष पर्व
कार्तिगै दीपम (नवंबर-दिसंबर) पर पर्वत की चोटी पर विशाल दीप; हर पूर्णिमा को लगभग 14 किमी गिरिवलम।
कब जाएँ
नवंबर से मार्च मौसम सुहाना।
कैसे पहुँचें
तिरुवन्नामलाई रेलवे स्टेशन लगभग 2 किमी; चेन्नई हवाई अड्डा लगभग 180 किमी।
श्रीकालहस्ती, स्वर्णमुखी नदी के तट पर, ज़िला तिरुपति, आंध्र प्रदेश
स्वर्णमुखी नदी के तट पर स्थित, जहाँ शिव वायु तत्व के प्रतीक वायु लिंग रूप में पूजे जाते हैं। कथा है कि मकड़ी, सर्प और हाथी ने यहाँ शिव पूजा कर मुक्ति पाई, और भक्त कन्नप्पा ने यहीं अपनी आँखें अर्पित करनी चाहीं। मंदिर राहु-केतु पूजा के लिए प्रसिद्ध है।
विशेष पर्व
महाशिवरात्रि पर 13 दिन का ब्रह्मोत्सव; ग्रहण के समय भी मंदिर खुला रहता है।
कब जाएँ
नवंबर से फरवरी मौसम अपेक्षाकृत ठंडा; मार्च से जून बहुत गर्मी पड़ती है।
कैसे पहुँचें
श्रीकालहस्ती रेलवे स्टेशन लगभग 3 किमी; नज़दीकी हवाई अड्डा तिरुपति, तिरुपति शहर लगभग 36 किमी।
चिदंबरम के इस मंदिर में शिव आनंद तांडव करते नटराज रूप में पूजे जाते हैं और यह आकाश तत्व का स्थल है। गर्भगृह का 'चिदंबर रहस्य' एक खाली स्थान है, जो निराकार शिव का प्रतीक माना जाता है। परिसर में भगवान विष्णु (गोविंदराज) का मंदिर भी है।
विशेष पर्व
दिसंबर-जनवरी में आरुद्रा दर्शन, जून-जुलाई में आनी तिरुमंजनम, और महाशिवरात्रि पर नाट्यांजलि उत्सव।
कब जाएँ
अक्टूबर से मार्च मौसम सुहाना।
कैसे पहुँचें
चिदंबरम रेलवे स्टेशन; पुडुचेरी हवाई अड्डा लगभग 60-66 किमी, चेन्नई लगभग 215 किमी।